भारत का भूगोल

भारत का भूगोल

भारत का भूगोल

भारत एक विशाल देश है। जो एशिया महाद्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित है। भारत के उत्तर में हिमालय की पर्तवतमाला है और पूर्व में बंगाल की खाड़ी इसी के साथ पश्चिमी में अरब सागर और दक्षिण में हिंद महासागर से घिरा हुआ है।(भारत का भूगोल)

भारत की मुख्य भूमि 8 डिग्री 4 मिनट और 37 डिग्री 6मिनट इसी के साथ उत्तरी अक्षांश 68 डिग्री 7 मिनट तथा 97 डिग्री 25 मिनट और पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है।

भारत का भूगोल बहुत ही विभिन्न है। यहां पर्वत, मैदान, घाटियां, रेगिस्तान, वन और नदियां सभी है। भारत के उत्तर में हिमालय की पर्वतमाला में से एक है।

हिमालय में काफी ऊंचे पर्वत जैसे हिमनद और झीले है।और भारत के पूर्व में बंगाल की खाड़ी स्थित है। जिसकी गिनती दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ियों में आती है।

भारत के पश्चिमी में अरब सागर है। जो दुनिया का सबसे गर्म और शुष्क समुद्र में आता है। भारत के दक्षिण में हिंद महासागर है। जो दुनिया का सबसे बड़ा महासागर कहलाता है।

भारत की मुख्य भूमि को तीन प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में बाटा गया है।

1. पहाड़ी क्षेत्र

जैसे आपको पता है की भारत के उत्तर में हिमालय पर्वत है। जिसमे कुमाऊं हिमालय, हिमाचल प्रदेश हिमालय और पूर्वी हिमालय शामिल है।और हिमालय के दक्षिण में शिवालिक पर्वतमाला शामिल है। भारत के पहाड़ी क्षेत्र अद्वितीय हैं क्योंकि यहाँ प्राकृतिक सौंदर्य और विविधता का अद्वितीय संगम है। इन पहाड़ों की ऊँचाई, शीतलता, और वन्यजन जीवन इस क्षेत्र को विशेष बनाते हैं। यहाँ के जलवायु और वन्यप्राणियों का समृद्ध विविधान इसे एक अद्वितीय स्थान बनाता है। यहाँ की स्थानीय जनसंख्या के साथ जुड़े समृद्ध सांस्कृतिक अनुरूपता भी इसे अनोखा बनाती है। पहाड़ी क्षेत्र के माध्यम से हमें प्राकृतिक संरचना की महत्वपूर्णता और समृद्धि का अद्वितीय अनुभव होता है।

2. मैदानी क्षेत्र

भारत के उत्तर में गंगा के मैदान स्थित है जिनकी गिनती दुनिया के सबसे बड़े मैदानों में आती है। गंगा के दक्षिण में दक्कन पठार स्थित है। भारत के मैदानी क्षेत्रओ का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान हैं। ये मैदान कृषि, उद्योग, और व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण भुमिका निभाते हैं।
उपजाऊ मिट्टी: भारत के मैदानी क्षेत्रों में उपजाऊ मिट्टी पाई जाती है, जो कृषि के लिए अनुकूल होती है
अनुकूल जलवायु: भारत के मैदानी क्षेत्रों में अनुकूल जलवायु पाई जाती है, जो कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए अनुकूल है।

3.वन क्षेत्र

भारत में बड़े प्रकार के वन पाए जाते है। जिनमे उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन उष्णकटिबंधीय शुष्क वन शीतोष्ण पर्णपाती वन और शीतोष्ण शंकुधारी वन पाऐ जाते है।
भारत एक विशाल देश है, और इसका वन क्षेत्र भी बहुत विविध है। भारत में विभिन्न प्रकार के वन पाए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:

उष्णकटिबंधीय वर्षा वन: ये वन भारत के पूर्वी तट पर पाए जाते हैं, और वे दुनिया के सबसे जैव विविध क्षेत्रों में से एक हैं। ये वन विशाल पेड़ों, विस्तृत हरियाली और उष्णकटिबंधीय जानवरों से भरे हुए हैं।

उष्णकटिबंधीय वर्षा वन, भारत

उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन: ये वन भारत के पश्चिमी घाट और पूर्वोत्तर भारत में पाए जाते हैं। ये वन वर्ष भर हरा-भरा रहता है, और इसमें चंदन, साल, सागौन और अन्य मूल्यवान पेड़ों की प्रजातियां पाई जाती हैं।

उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन, भारत उष्णकटिबंधीय शुष्क वन: ये वन भारत के पश्चिमी और मध्य भागों में पाए जाते हैं। ये वन साल भर सूखे रहते हैं, और इसमें कीकर, बाँस और अन्य शुष्क-सहिष्णु पेड़ों की प्रजातियां पाई जाती हैं।

उष्णकटिबंधीय शुष्क वन, भारत उप-उष्णकटिबंधीय वन: ये वन भारत के उत्तरी और पूर्वोत्तर भागों में पाए जाते हैं। ये वन शीतकाल में पतझड़ करने वाले पेड़ों से भरे हुए हैं, और इसमें चीड़, देवदार और अन्य उप-उष्णकटिबंधीय पेड़ों की प्रजातियां पाई जाती हैं।

शीतोष्ण वन: ये वन भारत के हिमालय क्षेत्र में पाए जाते हैं। ये वन देवदार, ओक, और अन्य शीतोष्ण पेड़ों की प्रजातियों से भरे हुए हैं।

शीतोष्ण वन, भारत

भारत के वनों का देश की पारिस्थितिकी तंत्र और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण महत्व है। ये वन जैव विविधता के घर हैं, और वे जलवायु परिवर्तन को कम करने, मिट्टी के कटाव को रोकने और लोगों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने में मदद करते हैं।

भारत सरकार भारत के वनों के संरक्षण के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य वन क्षेत्र का विस्तार करना, वनों का प्रबंधन करना और वनों से संबंधित संसाधनों का सतत उपयोग करना है।

भारत के वनों के संरक्षण के लिए कुछ प्रमुख चुनौतियाँ हैं, जिनमें शामिल हैं:

वन कटाई  :  भारत में वन कटाई एक गंभीर समस्या है। वन कटाई का कारण कृषि, अवैध कटाई और अन्य मानवीय गतिविधियाँ हैं।

जंगल की आग  : जंगल की आग भारत में एक और गंभीर समस्या है। जंगल की आग का कारण सूखा, बिजली गिरना और अन्य प्राकृतिक कारक हैं।

प्रदूषण  : प्रदूषण भी भारत के वनों के लिए एक खतरा है। प्रदूषण वन के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकता है और वन की वृद्धि को रोक सकता है।

भारत के भूगोल में भारत की नदियों का भी बहुत योगदान है।

भारत की प्रमुख नदियां है। गंगा , यमुना, ब्रह्मपुत्र, सिंधु, कृष्णा और गोदावरी आती है। यह नदियां, भारत की अर्थव्यवस्था, कृषि और संस्कृति के लिए बहुत ज़रूरी है।

भारत का भूगोल इस देश की विविधता और समृद्धि को प्रदर्शित करता है। भारत का भूगोल भारत की अर्थव्यवस्था, कृषि और संस्कृति को प्रभावित करता है।

भारत का क्षेत्रफल 3,287,263 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। जो कि वर्ग किलोमीटर में 7 स्थान पर आता है। और इसकी लंबाई पूर्व से पश्चिम तक 3,214 किलोमीटर तथा उत्तर से दक्षिण तक 2933 क्लियोमीटर है।

भारत की जलवायु मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय है।जो चार भागों में विभाजित है।

1.ग्रीष्म ऋतु (मार्च से जून के बीच)

2. वर्षा ऋतु (जुलाई से सितंबर के बीच)

3. शरद ऋतु ( अक्टूबर से दिसंबर के बीच)

4. शीत ऋतु ( जनवरी से फरवरी के बीच)

भारत में विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक संसाधन मिलते है।

जैसे कोयला, लोहा , तांबा, प्राकृतिक गैस, तेल , जल ।

भारत में कई बांध है।

जैसे – 1. गोविंद वल्लभ पंत सागर

2. फरक्का बांध

3. भाखंडा बांध

4. नागार्जुन सागर

5. हुसैन सागर

भारत में लगभग 21% क्षेत्र वन है।

भारत के प्रमुख वन –

1. हिमालय पर्वतों के वन
2. पश्चिमी घाट के वन
3. पूर्वी घाट के वन
4. उत्तरी भारत के वन

भारत के प्रमुख दो मरुस्थल है।

1. थाट मरुस्थल
2. कच्छ मरुस्थल

भारत की जनसंख्या लगभग 1.4अरब है। जो पूरी दुनिया में जनसंख्या के मामले दूसरे स्थान है।
भारत मे कुल 22 भाषाएं बोली जाती है।जिसमे हिंदी भारत की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।

जिसमे हिंदी भारत की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।
भारत एक बहुसास्कृतिक देश है। यहां विभिन्न धर्मों, जातियों और संस्कृतियों के लोग रहते है।
भारत लोक प्रसिद्ध पर्यटन देश है। जहां कई ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक सुंदर स्थान है।

राज्यों के नाम निम्नवत हैं- (कोष्टक में राजधानी का नाम

  • अरुणाचल प्रदेश (इटानगर)
  • असम (दिसपुर)
  • उत्तर प्रदेश (लखनऊ)
  • उत्तराखण्ड (देहरादून)
  • ओड़िशा (भुवनेश्वर)
  • आंध्र प्रदेश (अमरावती)
  • कर्नाटक (बंगलोर)
  • केरल (तिरुवनंतपुरम)
  • गोआ (पणजी)
  • गुजरात (गांधीनगर)
  • छत्तीसगढ़ (रायपुर)
  • झारखंड (रांची)
  • तमिलनाडु (चेन्नई

 

  • त्रिपुरा (अगरतला)
  • नागालैंड (कोहिमा)
  • पश्चिम बंगाल (कोलकाता)
  • पंजाब (चंडीगढ़†)
  • बिहार (पटना)
  • मणिपुर (इम्फाल)
  • मध्य प्रदेश (भोपाल)
  • महाराष्ट्र (मुंबई)
  • मिज़ोरम (आइजोल)
  • मेघालय (शिलांग)
  • राजस्थान (जयपुर)
  • सिक्किम (गंगटोक)
  • हरियाणा (चंडीगढ़†)
  • हिमाचल प्रदेश (शिमला
  • तेलंगाना (हैदराबाद)
  •  

केन्द्रशासित प्रदेश

  • अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह(पोर्ट ब्लेयर)
  • चंडीगढ़ (चंडीगढ़)
  • दादरा और नागर हवेली और दमन और दीव (दमन)
  • पॉण्डिचेरी  (पुडुचेरी)
  • लक्षद्वीप (कवरत्ती)
  • दिल्ली (नई दिल्ली)
  • जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर/जम्मू)
  • लद्दाख (लेह)

चंडीगढ़ एक केंद्रशासित प्रदेश और पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की राजधानी है।

प्रमुख नगर

  • मुंबई
  • दिल्ली
  • कोलकाता
  • चेन्नई
  • बंगलौर
  • हैदराबाद
  • अहमदाबाद
  • पुणे
  • सूरत
  • जयपुर
  • कानपुर
  • लखनऊ
  • नागपुर
  • गाजियाबाद

 

  • इंदौर
  • कोयम्बतूर
  • कोच्चि
  • पटना
  • कोष़िक्कोड
  • भोपाल
  • तृश्शूर
  • बड़ोदरा
  • आगरा
  • विशाखापट्टनम
  • मलप्पुरम
  • तिरुअनंतपुरम
  • कन्नूर
  • लुधियाना

 

  • नाशिक
  • विजयवाड़ा
  • मदुरई
  • वाराणसी
  • मेरठ
  • फरीदाबाद
  • राजकोट
  • जमशेदपुर
  • श्रीनगर
  • जबलपुर
  • आसनसोल
  • वसई-विरार
  • इलाहाबाद
  • धनबाद

 

  • औरंगाबाद
  • अमृतसर
  • जोधपुर
  • राँची
  • रायपुर
  • कोल्लम
  • ग्वालियर
  • दुर्ग-भिलाई
  • चंडीगढ़
  • तिरुचिरापल्ली
  • कोटा
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